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भोजपुरी अभिनेता एवं गायक मनोज तिवारी अभी भी अपने आप
के भोजपुरी के एगो छोटा सिपाही मानेले. उनकर एलबम के बारे में, भोजपुरी के बारे
में औरी भोजपुरिया के बारे में
सबसे पहिले त रउरा के “बेस्ट सिंगर” के अवार्ड मिलला पर बहुत-बहुत बधाई.
बहुत-बहुत धन्यवाद...
भोजपुरी के कुछ क्षेत्र मे अइसन मानल जाला कि रउरा बानी त भोजपुरी चल ता.
एतना उँचाई पर पहुँच के कइसन फिल होला ?
देखीं... बहुत लोग अइसन बा जेकरा कारण भोजपुरी आज चल ता. उ लोग मनोज तिवारी
नियर सौभाग्यशाली नइखे, उनके ओतना लोग जानत नइखे. और बहुत लोग अइसन बा, जेकरा
के लोग जानता, बाकिर उ जाने लायक नइखे. हमनी के प्रयास करें के ओह मोगन से
दुनिया के जनवावे के, जेकरा से भोजपुरी चल ता. खाली मनोज तिवारी से नइखे चलत.
बहुत लोग बा, जे गोरखपुर के गाँव मे बइठल बा, आरा, बक्सर, बेतिया के गाँव मे
बइठ्ल बा, जे सुघर लिख ता, जेकर गीत मनोज तिवारी गाव तारे, जे भैंस चराव ता,
बेरोजगारी मे, आ ओकर धुन बनावल मनोज तिवारी गाव तारे, और लोग भी गाव ता, आ ओकरा
के लोग जानता, बाकिर जेकर क्रियेसन बा, ओकरा केहु नइखे जानत, ओकरा के जनावल
जरूरी बा.
राउर एगो फिल्म आइल रहुवे ‘ससुरा बडा पइसावाला’, भोजपुरी सिनेमा के दुसरा
जीवन देवे मे इ फिल्म के बहुत बडा हाथ रहल ह, ‘गोल्डन जुबिली’ भी कइल स इ फिल्म,
एकरा बारे में कुछ बताई.
: इ ससुरा बडा पइसावाला, न सिर्फ हिन्दुस्तान के, बल्कि दुनिया भर मे, इकिसवीं
सदी में ‘सिल्वर जुबिली’ कइल स. लगातार एक हॉल मे लगातार 34 हफ्ता ले चलल स.
चुकिं एक शहर में 50 हफ्ता के ‘गोल्डन जुबिली’ कहल जाला, एह आधार पर इ ‘गोल्डन
जुबिली’ भइल ह. एक हॉल मे त ना, बाकिर एक शहर मे चलल ह, और 3 शहर में भइल अइसन
घटना – कानपुर, लखनऊ और वाराणसी. इ सब चीज कोइ के संगे होखे त एगो गौरव वाली
बात बा. लेकिन हमनी के सबसे बडी खुशी के बात बाटे कि लोग इतनी बडी संख्या मे
प्यार देले बाटे और ओकरे बाद के फिल्म के भी मिलल बाटे, चुंकि “ससुरा बडा
पइसावाला” आइल त ओकरा बाद एक साल ले हमार और कौनो फिल्म न आइल रहे दुसर, त एह
कारण से भी चलत रहे. अब त अइसन बात बाटे कि हर डेढ महीना मे एगो फिल्म आ जाता,
त हमार फिल्म कम से कम डेढ महीना त चलते बाडी सन, “दरोगा बाबु, आइ लव यु”
लगातार 17 हफ्ता ले चलल, दामादजी, बन्धन टुटे ना, वगैरह सब हिट भइली सन. “बन्धन
टुटे ना” त “ससुरा बडा पइसावाला” आ “दरोगा...” के बाद तीसरी सबसे बडा हिट भइल
ह.
अभी और कौन-कौन फिल्म आव ता ?
अभी “देहाती बाबु” हमार चल तिया, हम बम्बइया नियन 2 दिन मे हिट नाही कहेला,
बाकिर जब 3 सप्ताह पुरा होखे जा रहल बा फिल्म के, त जरूर हिट कहल जा सकेला, आ इ
सुपरहिट भी हो जाइ, एकर पुरा आशा बाटे. अभी फिल्म आवता “मंगल-सुत्र”, माल्या
फिल्म्स के, एगो औरी आवता “धरती कहे पुकार के”, जवना मे हम आ अजय देवगन जी बानी
जा.
हमनी के काहे लागता कि पुरा बालीवुड आज भोजपुरी फिल्म के पीछे दौडता ?
पुरा बालीवुड मे चर्चा बाटे, और इ चर्चा निश्चित रुप से एगो सुनहरा याद बनके रह
जाई इतिहास के पन्ना मे कि या त सब कहु आज भोजपुरी के चर्चा कर ता चाहे काम कइल
चाह ता लोग. काहे कि भोजपुरी फिल्म हिन्दुस्तान के आपन संस्क़ृति आ सभ्यता के
फिल्म लाग तारी सन. जहाँ पुरा देश पच्छिम के तरफ भाग रहल बा, भोजपुरी लोगन के
पुरब से जोड रहल बा.
राउर एलबम भी रेगुलर आवत रहेला, अभी कौन एलबम ले आवतानी रउरा ?
अभी त हमार होली के एलबम आ रहल बाटे.
कब ले आवे के उम्मीद बा ?
5 तारीख के ओकर ऑडियो आ जाइ मार्केट मे, आ 11 ले विडियो भी आ जाई.
हमनी के विसिटर लोग खातिर ओहिमे के कौनो गाना के 2 लाइन सुना दीं.
एक उसमे भाभी की छोटी बहन से होली मे रंग डालने के लिये अपने रंग की तारीफ करता
है:
स्पेशल बा रंगवा हमार साली जी...
स्पेशल बा रंगवा हमार साली जी...
टेस्ट क के देख एक बार साली जी....
(तो लडकी कहती है....)
भीजल बा समीज-सलवार जीजाजी...
का लगवाईं बार-बार जीजाजी...
अरे भींजल बा...
एह लाइन के सुने खातिर एहिजा क्लिक करीं.
भोजपुरी खातिर, अगर हमनी का बात करीं कि “भोजपुरी” के एगो भाषा के तौर पर
विकास खातिर का सरकारी चाहे गैर-सरकारी सहयोग चाहीं ? भोजपुरी के विकास खातिर
राउर का सुझाव बा ?
हमनी के खाली सुझावे नइखे, हम एगो “अंतर-राष्ट्रिय भोजपुरी रत्न अलंकरण समारोह”
भी करिला, जवना मे अबतक पं. किशन महाराज जी के, गिरिजा देवी जी के, भरत शर्मा
जी के, शारदा सिन्हा जी के, बालेश्वर जी के, हीरालाल यादव जी के, तृप्ति शाक्या
जी के, सम्मानित कर चुकल बानी जा. फिल्म से सुजीत कुमार जी के, मनोज वाजपेयी जी
के अवार्ड दीहल जा चुकल बा. तीसरा अलंकरण समारोह अभी होवे वाला बाटे. इ सबकुछ
कइल जाता, भोजपुरी के बढावे खातिर.
और दुसरी बात कि हम स्पेशली केन्द्रीय गृह-राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल जी
से, अपने भोजपुरी के संविधान के आठवी अनुसुची मे शामिल करे खातिर तीन-तीन बार
मिल चुकल बानी जा, ओकर बहुत सार्थक प्रयास भी शुरु हो गइल बा, आ हो सकेला कि
संसद के आवे वाला सत्र में ही, जइसन की हमनी के मिलल बाटे शिवराज पटिल जी से
आश्वासन, देश के इ खुशखबरी मिल जाई कि, भोजपुरी भी संविधान के भाषा हो गइल बा.
भोजपुरी फिल्मन के मल्टीप्लेक्स नइखे मिलत, एह पर राउर का विचार बा ?
पइसा लागी ढेर त कइसे देखी लोग ? जेतना लोग कमा ता ओकरा मे एगो बजट बाटे ना ?
मल्टीप्लेक्स मे जइहा भोजपुरी फिल्म लागे लागी तइहा भोजपुरी वास्तव मे कट जाइ
जमीन से. आज हिन्दी के सारा दुर्गती काहे हो रहल बा ? जब फिल्म के नाम पर सीट
बेचल जाता, पॉप कॉर्न बेचल जा ताटे, रोगी बनावे वाला सामान बेचल जा ताटे, कोल्ड
ड्रिंक बेचल जा ताटे, कुल्ह मिला के न 100-150 रुपया ले तारे सन न जी ? हमनी के
त जे फिल्म देखता, उ फिल्मवे देखे के चाही.
रउरा “प्लेबैक सिंगिंग” भी करतानी, त रउरा, अपना के छोड के, केहु अइसन हीरो,
जेकरा खातिर गावल अछ्छा लागेला ?
अइसन कुछ नइखे... अब त रउरा इ प्रश्न कर तानी, तब हम सोचतानी की प्लेबैक का होला
? अबही ले हम बस एतना जानतानी कि हमनी का बस एगो भोजपुरी के सिपाही बानी जा.
भोजपुरी खातिर हमनी का लडाइयो लड तानी जा, ओकरा अस्तित्व खातिर भी, ओकरा सम्मान
खातिर भी, ओकरा सम्वर्धन खातिर भी, ओकरा विकास खातिर भी...
भोजपुरिया के विसिटर खातिर एगो सन्देश दे दीं.
देखीं, एह दुनिया मे भोजपुरी बहुत देशन मे बाटे, कुछ लोग पहिले चल गइल, कुछ लोग
अब गइल बाटे, जे जहाँ बाटे, उ भोजपुरी खातिर और भोजपुरी के संस्क़ृति-संस्कार
बचावे खातिर, आ ओकरे मार्फत देश बचावे खातिर, अछ्छा चीज सुनत रहे और अछ्छा चीज
खातिर लोगन के प्रेरित करत रहे. और जहाँ भी रहे, कोशिश रहे कि आपस मे जरुर
भोजपुरी बोले के.
भोजपुरी के इंटरनेट पर इस्तेमाल के बारे मे रउरा का सोचतानी?
छा गइल बा... भोजपुरी इंटरनेट पर छा गइल बा. आज
नइखे जानत ???
बहुत-बहुत धन्यवाद..
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