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भोजपुरी संसार के ई अंक जे रउरा हाथ में बा एगो सफल याञा के
किस्सा बयान क रहल बा। धीरे धीरे करत करत पञिका आपन सफर के दु बरीस पूरा क
लिहलस। हमरा ई कहे में तनिको संकोच नइखे होत कि पञिका आज जहॉ ले पहुँचल बा ओमे
रउवा सभे के स्नेह आ आसीरवाद भरपूर मिलल बा। ओइसहूँ हर भोजपूरिया लोग के हाथ
में पञिका पहुँचावल हमनी के
लक्ष्य बा आ एह में हमरा हमेशा अपना लोग से सहयोग मिल
रहल बा।
पञिका के अगिला अंक जे कि
अप्रैल मे निकली ऊ वाषिक विशेषांक का रूप में निकालल
जाई। वइसे त पञिका अपना साज सज्जा आ बढिया
सामग्री के बरकरार क के आगे चले मे
विश्वास राखेला बाकिर समय समय पर रउरा लोगन के सुझाव एगो टानिक के काम करेला।
अगिला अंक से हमनी के कोशिश बा कि रंगीन पन्ना आउर बढ़ा दिहल जाव बाकिर एकरा
खातिर सभकरा से हम पूरा सहयोग करेके निहोरा क रहल बानी। रउरा सभे से हमार एगो
निहोरा इहो बा कि रउवा सभे खुदे देखी कि पञिका आपन लोग तक पहुँच रहल बा कि ना।
जदी नइखे पहुँचत र का दिक्कत बा। एह बारे में अपने लोग नूँ बताई।
नयका साल में रउआ सभे से बतिआवे में बहुत उमंग के अनुभूति हो रहल बा। हमरा रउवा
लोग से दरकार बा कि अगिला वाषिक विशेषांक खातिर आपन सुझाव आ विचार जरुर लिख
भेंजी सभे।
नयका साल सभकरा जीवन में सुख,शांति आ सम्पन्नता से भरल पूरल होखे, इहे हमार
कामना बा।
आशा श्रीवास्तव
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